सोमवार, 19 अक्टूबर 2009

जिंदगी


जिंदगी चलने का नाम है


अगर रुक जाए तो क्या नाम है


कहते हैं ये जिंदगी हमें आगे बड़ाती है


अगर यही हमें पीछे ले जाए तो क्या कहते हैं


कहते हैं गूजरा वक़्त वापस नहीं आता


अगर वही गूजरा वक़्त यादों में आए तो


क्या कहते हैं


कहते हैं जिंदगी रासता भी खूद है और मंजिल भी खूद है


जिंदगी यहीं थम जाए तो सफर क्या है



जिदंगी चलने का नाम है


अगर रुक जाए तो क्या नाम है


कहते हैं बहुत खुबसुरत है जिंदगी


जब अपना क्रूर रुप दिखाती है


तब कितनी बदसूरत है जिंदगी


आप अपनी जिंदगी समेटना चाहो


और रेत की तरह फिसलती जिंदगी


ना मेरी है ना आपकी


बीच सफर में हाथ छोड़ दे


ना जाने किसकी सगी है ये जिंदगी


जिंदगी चलने का नाम है........




2 टिप्‍पणियां:

  1. कहते हैं जिंदगी रासता भी खूद है और मंजिल भी खूद है.......sach hai

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  2. कहते हैं जिंदगी रासता भी खूद है और मंजिल भी खूद है
    जिंदगी यहीं थम जाए तो सफर क्या है
    umda .

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