दर्द सहन से ज्यादा हो जाए
तो दवा बन जाती है
ग़म दिल में रखने से
नासूर बन जाती है
आँसू आँखो से निकल जाए तो
पानी बन जाती है
प्यार ज्यादा हो जाए तो
जूनून बन जाती है
रिश्तों में प्यार ना हो तो
दुरियां बन जाती है
अजनबी भी रोज मिलें तो
दोस्त बन जातें हैं
कुछ लोग होतें हैं ऐसें
जो खुदा बन जातें हैं
बेगाने भी कभी
अपने बन जातें हैं
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Bachpan,Dard, Kashak aur Jindgi per likhi apki Bhavyukt kavitayein ati sunder lagin.
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